नोकरेक नेशनल पार्क, मेघालय

सुबह 6 बजे तुरा शहर मॉर्निंग वाक पर था,  मैं होटल से चेक-आउट कर नोकरेक नेशनल पार्क (दरिबोकगरे बेस कैम्प) के लिए रवाना हो रहा था। तुरा गारो हिल्स का सबसे बड़ा शहर है, इसे मेघालय की दूसरी राजधानी भी माना जाता है। यही से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा लोकसभा जाते थे। यहाँ की… Continue reading नोकरेक नेशनल पार्क, मेघालय

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शिलांग से तुरा की यात्रा

        मैं गुवाहाटी से शिलांग 04 मार्च, 2018 को पंहुचा था। वहां से अगले दिन मावफलांग पहुँचा। मावफलांग से मधुर यादों के साथ 06 मार्च, 2018 की दोपहर में नोकरेक नेशनल पार्क के लिए रवाना हो गया। मावफलांग से चार किलोमीटर चलने पर मावंलाप गाँव आता है, यही से शिलांग से नोंगस्टोइन को जोड़ने वाला  NH-106 मिलता है।… Continue reading शिलांग से तुरा की यात्रा

मावलीननोंग – एक आदर्श गाँव की खोज

आज (13.03.2018) मेघालय दर्शन का नौवां दिन था और आखिरी चरण भी। आज की यात्रा के लिए एक अरसे से उत्साहित था क्योंकि मैं मावलीननोंग यानी एशिया के सबसे स्वच्छ गांव जाने वाला हूँ। मावलीननोंग मेघालय के पूर्व खासी हिल्स जिले का एक छोटा-सा गांव है जो 2003 में सुर्खियों में आ गया जब डिस्कवर… Continue reading मावलीननोंग – एक आदर्श गाँव की खोज

चौंसठ योगिनी मंदिर, मुरैना और संसद भवन

बचपन से आपने चम्बल के डकैतों के क़िस्से-कहानियां ज़रूर सुने होंगे। चम्बल नदी ने दुर्गम बीहड़ों का निर्माण किया, और इसी दुर्गमता ने डकैतों को पनपने के लिये उपजाऊ ज़मीन दी। लेकिन 1990 के दशक के अंत तक हालात बदल गए। एक तरफ सड़कों का जाल बिछाया गया, दूसरी तरफ कानून व्यवस्था में किये सुधारों… Continue reading चौंसठ योगिनी मंदिर, मुरैना और संसद भवन

मावफलांग गाँव: डेविड स्कॉट ट्रेक, डैम व्यू

पूर्वोतर भारत की मेरी इस सोलो-बाइक ट्रिप का पहला पड़ाव मावफलांग गाँव हैं। मावफलांग, मेघालय का एक प्रसिद्ध और खूबसूरत गाँव हैं।यह गाँव मावफलांग सेक्रेड ग्रोव (पवित्र वन), डेविड स्कॉट ट्रेक, खासी हेरिटेज विलेज और मावफलांग डैम के लिए प्रसिद्ध हैं। राजधानी शिलांग से घुमावदार रास्तों एवं नयनाभिराम नजारों से होते हुए, प्राइवेट शेयर्ड टैक्सी… Continue reading मावफलांग गाँव: डेविड स्कॉट ट्रेक, डैम व्यू

मावफलांग पवित्र वन: खासी विरासत

मेघालय राज्य की राजधानी शिलांग से 28 किलोमीटर का सफ़र तय करने के बाद मावफलांग गाँव आता हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले में पड़ने वाला यह गाँव, जयंतिया और खासी पहाड़ियों के बीच पड़ता हैं। यह खासी आदिवासी समुदाय द्वारा 800 सालों से अधिक समय तक सहेज कर रखे गए पवित्र वन के लिए विश्व… Continue reading मावफलांग पवित्र वन: खासी विरासत

सरिस्का: प्राचीन नगर राजौर व मंदिरों का खोया हुआ संसार

मंगलसर बाँध से कांकवाड़ी एक्सेस रोड पर आगे बढ़ते हैं। दूर रास्ते से ही नीलकंठ मंदिरों का गेटवे नजर आने लगता हैं। यहाँ सड़क कच्ची हैं। क्योंकि यह इलाक़ा सरिस्का टाइगर रिज़र्व के बफर जोन में होने के कारण पक्की सड़क का निर्माण निषेध हैं। पहाड़ी पर सड़क घुमावदार मोड़ लेते हुए ऊपर की ओर… Continue reading सरिस्का: प्राचीन नगर राजौर व मंदिरों का खोया हुआ संसार